Tuesday, 30 January 2018

स्पार्क के प्रति प्राणप्यारे अव्यक्त बापदादा के अव्यक्त महावाक्य


ज्ञान सरोवर में स्पार्क मीटिंग (रिसर्च) के लिए आये हुए भाई बहिनों से -
सभी रिसर्च करने के लिए इकठ्ठे हुए हैं | अच्छा है जितना अन्तर्मुखता के कमरे में बैठ रिसर्च करेंगे उतना अच्छे से अच्छी टचिंग होंगी | और इसी टचिंग से अनेक आत्माओं को लाभ मिलेगा | तो अच्छा है | करते रहो लेकिन प्रयोग और योग दोनों का बैलेंस रखते आगे बढ़ते चलो | बाकी अच्छा है | जितना मनन करो उतना ही मक्खन निकलता है | तो कोई न कोई अच्छा माखन निकालेंगे जो सबमें शक्ति भरे | अच्छा | (२७-०२-१९९६)

स्पार्क ग्रुप : यह बहुत बड़ा ग्रुप है | स्पार्क वाले रिसर्च करते हैं ना ! स्पार्क वालों को विशेष यह अटेंशन में रहे कि जैसे साइंस प्रत्यक्ष अनुभव कराती है, मानो गर्मी है तो साइंस के साधन ठण्डी का प्रत्यक्ष अनुभव कराते हैं | ऐसे रिसर्च वालों को विशेष ऐसा प्लान बनाना चाहिए कि हर एक जो बाप की या आत्मा की विशेषतायें हैं, ज्ञान स्वरुप, आनन्द स्वरुप, शक्ति स्वरुप .......इस एक-एक विशेषता का प्रैक्टिकल में अनुभव क्या होता है | वह ऐसा सहज साधन निकालो जो कोई भी अनुभव करने चाहे तो चाहे थोड़े समय के लिए भी अनुभव कर सके कि शान्ति इसको कहते हैं, शक्ति की अनुभूति इसको कहते हैं | एक सेकंड, दो सेकंड भी अनुभव कराने की विधि निकालो | तो एक सेकंड भी अगर किसको अनुभव हो गया तो वह अनुभव आकर्षित करता है | ऐसी कोई इन्वेंशन निकालो | आपके सामने आवे और जिस विशेषता का अनुभव करने चाहे वह कर सके | क्या-क्या भिन्न-भिन्न स्थिति होती है, जैसे साधना करने वाले जो साधु हैं वह प्रैक्टिकल में उन्हों जो अनुभव कराते हैं, चक्र नाभी से शुरू हुआ फिर ऊपर गया, फिर ऊपर जाके क्या अनुभूति होती है | ऐसे आप अपने विधिपूर्वक मन और बुद्धि द्वारा उनको अनुभव कराओ | लाइट बैठकर नहीं दिखाना है लेकिन लाइट का अनुभव करें | रिसर्च का अर्थ ही है – ‘प्रत्यक्ष विधि द्वारा अनुभव करना, कराना |’ तो ऐसा प्लान बनाके प्रैक्टिकल में इसकी विधि निकालो | जैसे योग शिविर की विधि निकाली ना तो टेम्प्रेरी टाइम में योग शिविर में जो भी आते है वह उस समय तो अनुभव करते हैं ना ! और उन्हों को वह अनुभव याद भी रहता है | ऐसे कोई-न-कोई गुण, कोई-न-कोई शक्ति, कोई-न-कोई अनादि संस्कार, उन्हों की अनुभूति कराओ | तो ऐसी रिसर्च वालों को पहले स्वयं अनुभूति करनी पड़ेगी फिर विधि बनाओ और दूसरों को अनुभूति कराओ | आजकल लोगों को भक्ति में जैसे चमत्कार चाहिए ना, मेहनत नहीं – ‘चमत्कार|’ ऐसे आध्यात्मिक रूप में अनुभव चाहिए | अनुभवी कभी बदल नहीं सकता | जल्दी-जल्दी अनुभव के आधार से बढ़ते जायेंगे | सुना | अभी नई-नई विधि निकालो | आप कहते जाओ वह अनुभव करते जायें, इसके लिए बहुत पावरफुल अभ्यास करना पड़ेगा |             (१५-०२ -२०००)

स्पार्क वाले एक हाथ उठाओ | अच्छा बहुत अच्छा | अभी इसी विषय पर रिसर्च करो, वायुमण्डल कैसे प्रैक्टिकल में श्रेष्ठ ते श्रेष्ट बना सकते है | रिसर्च कर रहे हो ना ! ऐसा वायुमण्डल बनाने के लिए क्या-क्या कर्म में करना है, सम्बन्ध-सम्पर्क में करना है | अच्छा है अपने आप को बिजी रखते हो, अच्छी बात है | लेकिन बापदादा यह प्रैक्टिकल अनुभव देखने चाहते हैं कि कैसे प्रैक्टिकल किया और उसका परिणाम क्या निकला ? अगर बीच में कुछ भी रूकावट आई तो क्या आई ? यह अनुभव प्रैक्टिकल करके देखो, सिर्फ पॉइंट्स नहीं निकालना, यह करना है | नहीं | करो | अनुभव करके एक्जेम्पुल बनकर दिखाओ और वह एक्जम्पुल औरों को भी सहयोग देगा |  ठीक है ना ! यह (रमेश भाई) निमित्त है ना ! अच्छा है | बापदादा अभी भी 15 दिन पड़ा है अभी लास्ट नहीं हुआ है | अभी बहुत गया, लेकिन थोडा रहा है तो स्पार्क वाले ऐसा प्रैक्टिकल करके देखो और औरों को दिखाओं | ठीक है ?  कर सकेंगे ? हो सकेगा | अच्छा, ठीक है, बहुत अच्छा | अच्छा | (२४-०२ -२००२)

स्पार्क ग्रुप : अच्छा, ऐसा ही प्लान बनाओ जो आपकी मीटिंग से आप ही अपने-अपने स्थान पर समय को समीप लाने के  एक्जेम्पुल बन जाओ | यही प्लान बना रहे हो ना ! कि आने वाले समय में क्या तैयारी चाहिए ! बापदादा यही इशारा देते हैं – कोई भी समस्या को सामना करने के लिए सहज विधि है पहले एकग्रता की शक्ति | मन एकाग्र हो जाए, तो एकाग्रता की शक्ति निर्णय बहुत अच्छा करती है | इसीलिए देखो कोर्ट में भी तराजू दिखाते हैं | निर्णय की निशानी तराजू इसलिए दिखाते हैं – एकाग्र कांटा हो जाता है | तो कोई भी समस्या को जिस समय चारों ओर हलचल हो उस समय अगर मन की एकग्रता की शक्ति हो, जहाँ मन को चाहो वहाँ एकाग्र हो जाए, निर्णय हो जाए किस परिस्थिति में कौन सी शक्ति कार्य में लायें, तो एकग्रता की शक्ति दृढ़ता स्वत: ही दिलाती है और दृढ़ता सफलता की चाबी है | तो ऐसे अपने को एक एक्जाम्पल बनाके औरों को प्रेरणा देते रहो | ठीक है ना ! अच्छा है | हर एक वर्ग अपने सेवा की उन्नति के उमंग उत्साह में अच्छा है | अच्छा है और अच्छा ही होगा | अच्छा है, सब भिन्न-भिन्न सेंटर के अच्छे-अच्छे कार्य में लगे हुए हैं, प्लान बनाने में | सफलता तो है ही | अच्छा | (२८ -०२-२००३)

स्पार्क ग्रुप भी आया है : बहुत अच्छा है | अनुभवी मूर्त बन, अनुभव कराने का प्रैक्टिकल में रिसर्च कर रहे हैं | और इसी को, अनुभूति कराने की रिसर्च को और बढाओ| प्रैक्टिकल में सबूत लाओ तो दुनिया एक्जाम्पल देख करके सहज मान जाती है | अच्छा है | आगे बढ़ते चलो और एक्जाम्पल बन औरों को भी एक्जाम्पल बनाओ | बहुत अच्छा | (०५-०३-२००४)

स्पार्क ग्रुप : (मूल्यनिष्ठ समाज की रखना करने का लक्ष्य रख अभियान निकालने का सोचा है, जिसमें हर ज़ोन हर विंग इसी के अंतर्गत सेवा करें, साथ-साथ अंतिम समय की तैयारियां तथा संस्कार परिवर्तन के विषय पर गहन अनुभूति कराने का लक्ष्य रखा है )
बहुत अच्छा, घर-घर में आवाज़ फ़ैल जायेगा | और ऐसा ग्रुप तैयार करो जो गवर्मेंट तक भी आवाज़ जाये, यह अभियान करायेंगे तो आवाज़ जायेगा | अच्छा सोचा है | संख्या तो बहुत है | सब रिजल्ट निकालना, फिर बापदादा और मुबारक देंगे | अच्छा है यह उमंग-उत्साह, अपने पुरुषार्थ में भी उमंग-उत्साह बढ़ायेगा  | सिर्फ सेवा में ही नहीं, साथ में अपने पुरुषार्थ में भी उमंग-उत्साह बढ़ता जाए, सेवा भी बढ़ती जाए | बाकी अच्छा किया है, मुबारक हो | (०३-०२-२००५)

6 विंग्स आई हैं : (ग्राम विकास, सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, महिला, प्रशासक, स्पार्क ग्रुप) विंग्स को काम दे दिया, अभी 15 दिन के बाद फिर देखेंगे | अच्छा बच्चे भी आये हैं, (5 विकारों की मल्लयुद्ध दिखाई है ) अच्छा | सपोर्ट विंग है | माया के खेल को तो जान गये हो ना | उसमें तो बहादुर हो ना | खेल वाले हमेशा बहादुर होते हैं | तो मायाजीत में भी बहादुर हो ना | कभी हार खाना नहीं है | बापदादा के गले का हार बनना है | हार नहीं खाना है | ऐसे पक्के हो ना | बहादुर हो ? बहादुर हैं वाह ! बहुत अच्छा | अच्छा | तो मायाजीत का भी सिखाती हो ना अच्छा | बैठ जाओ | अच्छा | अब क्या करेंगे ?
अभी एक सेकंड में अपने मन से सब संकल्प समाप्त कर एक सेकंड में बाप के साथ परमधाम में ऊँचे ते ऊँचे स्थान, ऊँचे ते ऊँचे बाप, उनके साथ ऊँची स्थिति में बैठ जाओ | और बाप समान मास्टर सर्वशक्तिवान बन विश्व की आत्माओं को शक्तियों की किरणें दो | अच्छा |  (१४-०३-२००६)

जो स्पार्क विंग है, उसमें क्या रिसर्च किया है ? क्या एक्जाम्पल कोई रिसर्च करने के बाद एक्जाम्पल प्रूफ बनाया है, जैसे हार्ट पेशेंट निरोगी बन गये हैं, वह सबूत है, यूथ का भी समाचार सुना, तो अच्छा गवर्मेंट तक सबूत जा रहा है | ऐसे गाँव वालों की सेवा में भी प्रत्यक्ष सेंटर गीता पाठशालायें खुल गये हैं, यह रिकार्ड तो अच्छा है, ऐसे स्पार्क वालों ने, स्पार्क वाले हैं कल्चर वाले खड़े हैं तो ऐसा कोई विशेष एक्जाम्पल बनाया है कि रिसर्च से यह परिवर्तन का सैंपल बना है, बापदादा वह सैंपल देखने भी चाहते, सुनने भी चाहते| क्या रिसर्च किया और कितनों ने उस रिसर्च करने का प्रैक्टिकल लाभ उठाया | यह देखने चाहते हैं | कल्चर वालों ने क्या कल्चर डिपार्टमेन्टस में, कोई ऐसी डिपार्टमेन्ट तैयार की है जो प्रत्यक्ष रूप में वर्णन करें कि हमनें आध्यात्मिक कल्चर द्वारा यह-यह अनुभव किया है | हमारी सारी डिपार्टमेन्ट परिवर्तन हुई है | ऐसे सभी वर्ग को, सभी वर्ग को बापदादा यही कहते हैं ऐसे सात-आठ, दस-बारह एक्जाम्पल तैयार करो जो फिर गवर्मेंट को, वर्गीकरण क्या करता है उसका एक्जाम्पल सुनायें | तो गवर्मेंट का भी सहयोग मिल सकता है | बापदादा ने सुना था एक डिपार्टमेन्ट ने कहा है कि पैसा हमारे पास है, काम आपके पास है | तो काम का प्रत्यक्ष सबूत देखने से उन्हों का भी सफल कराओ ना, नहीं तो ऐसे ही बिचारा खजाना चला जायेगा | उन्हों को यूज़ करने नहीं आता, आप सफल करा सकते हो, प्रभाव से | तो सभी वर्ग वाले मिलके ऐसा कोई प्लान बनाओ जो प्रैक्टिकल में हर वर्ग का सबूत दिखाई दे | (३१-१२-२००७ )


(स्पार्क मीटिंग का समाचार रमेश भाई ने लिखकर संदेशी द्वारा बापदादा के पास भेजा है ) रमेश जो कर रहे है ना, स्व उन्नति का भी लिखा है, उसको बार-बार अटेंशन दिलाओ | सेवा में प्रैक्टिकल कर लेते हो ना, ऐसे स्व उन्नति में प्रैक्टिकल किया या नहीं उसका भी चार्ट रखो | बाकी समाचार मिला था, सोचा अच्छा है | (१७-०३-२००७)

स्पार्क वाले भी अपना प्लान बना रहे हैं, अच्छा है अभी ऐसा कुछ करके दिखाओ जो जैसे साइंस प्रत्यक्ष फल दिखाती है, ऐसे साइलेंस की शक्ति इतना स्पष्ट और सहज प्रत्यक्ष रूप में अनुभव कराये जो सब कहें ब्रह्माकुमारियों के पास सहज साधन है | इन्वेंशन कर रहे हैं और होगा भी | सब बुद्धि अच्छी चला रहे हैं तो बुद्धि द्वारा कोई न कोई प्रत्यक्ष फल निकल आयेगा | अच्छा है | मेहनत अच्छी है, फल निकल रहा है, निकलता रहेगा, यह तो होना ही है | अच्छा | अभी एक सेकण्ड में, एक सेकण्ड हुआ, एक सेकण्ड में सारी सभा जो भी जहाँ है वहाँ मन को एक ही संकल्प में स्थित करो मैं बाप और मैं परमधाम में अनादि ज्योतिबिन्दु स्वरुप हूँ, परमधाम में बाप के साथ बैठ जाओ | अच्छा | अभी साकार में आ जाओ | अभी वर्तमान समय के हिसाब से मन-बुद्धि को एकाग्र करने का अभ्यास, जो कार्य कर रहे हो उसी कार्य में एकाग्र करो, कंट्रोलिंग पॉवर को ज्यादा बढ़ाओ | मन-बुद्धि संस्कार तीनों के ऊपर कंट्रोलिंग पॉवर | यह अभ्यास आने वाले समय में बहुत सहयोग देगा | वायुमण्डल के अनुसार एक सेकण्ड में कन्ट्रोल करना पड़ेगा | जो चाहे वही हो | तो यह अभ्यास बहुत आवश्यक है | इसको हल्का नहीं करना | क्योंकि समय पर यही अन्त सुहानी करेगा | (०२-०२-०८)

स्पार्क के प्रति अव्यक्त बापदादा के शुभ आशायें एवं शिक्षायें :
अच्छा मीटिंग्स तो करते रहते हो और अच्छा उमंग उत्साह से करते रहते हो यह बापदादा देखता और सुनता रहता है | धारणा के प्लान भी बनाते रहते हो | बापदादा ने समाचार सुना सभी अपनी स्व-उन्नति और सेवा के प्लान नये-नये भी बनाते रहते हो | अभी लक्ष्य यही रखना है कि दुनिया वालों को अभी दिलासा देने की आवश्यकता है | वह बिचारे सर्कम्स्तांश को देख भ्रमित हो रहे है | डर फैल रहा है तो ऐसे समय पर आपको विशेष तो सारी आत्मायें आपकी हैं, लेकिन विशेष आप अपने वर्ग को दिलासा दिलाओ कि आप अगर मेडिटेशन का कोर्स करेंगे तो आपका डर वा टेंशन समाप्त हो जायेगा | और ज्ञान पहले न दो पहले मेडिटेशन करो और कराओ | उसका निमंत्रण दो | टेंशन फ्री लाइफ का अनुभव करने का प्रोग्राम ज्यादा करो | करते हो लेकिन अब ज्यादा करो उन्हों को आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव कराओ | सिर्फ भाषण नहीं लेकिन अनुभव कराओ | भले छोटे छोटे ग्रुप को कराओ | बड़े ग्रुप को कराओ लेकिन अनुभव कराओ | अनुभव वाला व्यक्ति कभी रह नहीं सकता और अनुभव की अथॉरिटी नंबरवन हो अनुभव वाला किसी के बह्कावें में नहीं आ सकता | समस्या में घबरा नहीं सकता क्योंकि मेडिटेशन की टेम्पटेशन ज्यादा अनुभव कराओ | बाकि प्रोग्राम तो करते रहते हो वह  तो चलते रहेंगे और चलाओ लेकिन यह विशेष ध्यान दो कोई भी आता है, कोर्स करता है, लेकिन कोर्स के बीच में अनुभव किया या सिर्फ नॉलेज ली | अनुभव जरुर कराओ | किसी भी बात का, चाहे ज्ञान की हिसाब से परमात्मा ज्ञान है, यह अनुभव हो, योग द्वारा अपने में शक्तियों की अनुभूति हो, हिम्मत आवे, कोई भी बात की समस्याओं को  हल करने की हिम्मत आवे और धारणा की हिम्मत आवे, नहीं तो धारणा सुन करके घबरा जाते है | पहले प्राप्ति सुनाओ, प्राप्ति क्या होती है | प्राप्तियों की आधार से आकर्षित होते है | क्या मिलेगा, क्या बनेगा, कैसे समस्यायें आपके लिए सहज हो जायेंगे, ऐसी ऐसी अनुभव की बातें सुनाओ | ( ०१/०३/२००१)

ग्राम विकास विंग, साइंस इंजिनियर विंग और स्पार्क : अपना परिचय अच्छी तरह दे रहे है | अच्छा तीनों ही वर्ग का समाचार बापदादा ने सुना है | तो हर एक वर्ग जो भी आये हो उन्होंने आपस में अच्छी प्रगतिशील मीटिंग की है और मीटिंग में अपना अपना आगे का प्लान भी बनाया है | बापदादा खुश है कि आजकल वर्ग वाले सेवा में हर एक नंबरवन लेना चाहते है | यह तीव्र पुरुषार्थ का उमंग उत्साह देख बापदादा सभी वर्गों को ख़ास इन तीनों वर्गों को पदमगुणा मुबारक दे रहे है | प्लान अच्छे बनाये है | अच्छे बनाये है और उमंग का बनाया है | इसलिए बापदादा तीनों को कहते है जो प्लान बनाये हैं वह अभी जल्दी से जल्दी प्रैक्टिकल में लाओ | बापदादा को पसंद है | सिर्फ बीच-बीच में आजकल तो फ़ोन सिस्टम भी है, आपस में कांफ्रेंस करने की | तो हर एक वर्ग का जो विशेष निमित्त है, वह बीच-बीच में फ़ोन कांफ्रेंस करके भी उमंग उत्साह बढ़ाओ | क्योंकि अपने-अपने शहर में उमंग उत्साह दिलायेंगे तो जैसे मीटिंग में उमंग उत्साह आता है विशेष | ऐसे बीच-बीच में रिजल्ट पूछ उन्हों को भी उमंग में लाओ | अच्छा है | यह बोर्ड पब्लिक के तरफ करो | नेचर की भी आजकल सभी को चिंता है | तो आप विशेष सन्देश दो, मन की नेचर द्वारा प्रकृति की नेचर को कैसे सुधार सकते है | प्लान बनाया है लेकिन अभी हर जगह मिलकर प्रोग्राम द्वारा एनाउन्स करो, छोटे-छोटे प्रोग्राम भी बनाओ लेकिन आवाज फैलाओ | अभी जो भी प्रोग्राम चल रहे है बापदादा ने देखा कि हर एक प्रोग्राम में आवाज़ फैलाने का तरीका बहुत अच्छा बनाया है और भी जो कर रहे है, उसमें सबके निमित्त बने हुए सेवाधारियों की राय लेकर और प्रोग्राम में चार चाँद और लगाओ | जहाँ भी जाये विशेष या छोटे-छोटे स्थानों में भी आवाज़ हो, ब्रह्माकुमारियां कुछ प्रोग्राम कर रही है | शान्ति में नहीं बैठो, अभी उमंग उत्साह से आवाज़ फैलाओ | अभी नजदीक आने का समय है | वायुमण्डल अभी वैराग्य वृति का नवीनता देखने और सुनने का इच्छुक है | एक दो में राय कर और उत्साह उमंग का चारों ओर आवाज़ फैलाओ | मुख्य जो स्थान है, देश है उसमें वर्तमान समय इकट्ठा सन्देश पहुँचे, हर मुख्य स्थान पर अखबारों में आवे, यह हुआ, यह हुआ ..... यह कर रहे है , यह कर रहे है..... चाहे रेडियो, चाहे टी.वी. सब तरफ से आवाज़ फैलाओ | अपने-अपने एरिया में भी टी.वी. द्वारा, रेडियो द्वारा आवाज़ फैला सकते हो | अच्छा | बहुत-बहुत मुबारक हो, वर्ग आजकल उत्साह में कर रहे है, और करते रहना | अच्छा | (३०-०१-२०१०)

स्पार्क : स्पार्क विंग भी अपना-अपना कार्य कर रही है | बापदादा ने देखा कि हर एक अपने वर्ग की सेवा में आत्माओं को अनुभवी बना रहे हैं, उनको अच्छे-अच्छे विचारों से उनकी बुद्धि बहुत अच्छी बना रहे हैं और धारणा भी लोगों को करते हैं इसलिए हर एक विंग के लिए बाबा ने कहा तो सेवा कर रहे हो, साथी बना रहे हो और अधिक साथी बनाके ऐसा ग्रुप तैयार करो, संगठन तैयार करो जो संगठन गवर्नमेंट के सामने जाए और उनको अपना कार्य और रिजल्ट सुनाये | हर एक वर्ग की अपनी-अपनी गवर्नमेंट की शाखा है, तो उन्हों की भी सेवा हो और लोगों की भी सेवा हो | अच्छा | (१७-०२-२०११)

चार विंग्स की मीटिंग है : (स्पार्क,मीडिया,स्पोर्ट,रिलीजियस) : अच्छा यह ही विंग सर्विस के लिए बहुत मददगार है भी और आगे भी बन सकते हैं क्योंकि चार ही विंग्स अनेकों को कनेक्शन में ला सकते हैं | चाहे मीडिया है तो मीडिया अभी तो घर-घर में सन्देश पहुँचाने का प्लान अच्छा बना रहे हैं | बापदादा ख़ुश है कि एक दो सहयोगी बन कर रहे हैं, आगे बढ़ गये हैं, बढ़ भी रहे हैं | तो बापदादा अभी मीडिया द्वारा यही चाहते हैं कि सन्देश यह मिले कि अब समय प्रमाण हर एक आत्मा को अपने बाप से वर्सा लेने की प्रेरणा आवे |सुनते तो हैं लेकिन कितने वारिस निकले, मीडिया द्वारा कितने वारिस अभी तक भी निकले हैं, वह लिस्ट आनी चाहिए | बापदादा ने सुना है प्रभाव अच्छा है और स्टूडेंट बढ़ते भी हैं लेकिन लिस्ट निकालो, हर एक सेन्टर पर, हर एक ज़ोन में कितने मीडिया सेवा से निकले हैं | ऐसे ही जो भी वर्ग हैं वह अभी लिस्ट निकालो, कईयों ने आज लिस्ट दी भी है कनेक्शन में आने वालों की, वी.आई.पी. है वह लिस्ट दी भी है लेकिन उन्हों का संगठन करके उन्हों को उमंग उत्साह देके आगे बढ़ाओ | कनेक्शन में तो आते हैं लेकिन आगे के लिए ऐसा प्रोग्राम बनाओ जो वह भी समझे तो हमको आगे क्या करना है | सुना, लेकिन आगे बढ़ना है उसका स्पष्टिकरण थोड़ा सुनाओ | और लिस्ट निकालो कितने इस वर्ग के तरफ से ऐड होते हैं | होते हैं लेकिन पता नहीं पड़ता है | बाकी बापदादा सभी विंग्स को मुबारक दे रहे हैं क्योंकि हर एक विंग यह कोशिश करती है कि सेवा की वृध्दि हो और वृध्दि के प्लान भी अच्छे बनाती है | चार ही वर्ग अपनी-अपनी सेवा अच्छी कर रहे हैं क्योंकि विंग्स अभी समझते हैं हम जिम्मेवार हैं | कोशिश भी अच्छी करते हैं विंग्स इसीलिए बापदादा खुश है और इसी रीति से जैसे अटेंशन देकर के विंग्स के कार्य में लगे हुए हो ऐसे और भी आगे बढ़ते रहो, मुबारक बापदादा देते हैं | बढ़ रहे हैं बढ़ते रहो | चार ही विंग्स के लिए बापदादा कह रहे हैं | कोई भी विंग कमजोर नहीं है अपने हिसाब से आगे ही बढ़ रही है | बाकी बापदादा ने जो काम दिया है वह तो ध्यान पर होगा ही | कोई ऐसे समझदार वी.आई.पी हर विंग से आते है उन्हें तैयार करो | ऐसे समझदार हिम्मत वालों का एक ग्रुप बनाओ जो वह भिन्न-भिन्न वर्ग वाले ग्रुप मिल करके एक-एक बात को स्पष्ट करे | यह काम जरुर करो | यह काम आगे वाले कर सकते हैं, हिम्मत दिला सकते हैं | अभी प्रैक्टिकल में आवाज़ निकले कि ब्रह्माकुमारियाँ क्या चाहती हैं | इस 75 वर्ष की सर्विस ने सभी को ब्रह्माकुमारीज़ का महत्त्व स्पष्ट किया है | आवश्यक है, कर सकती हैं, यहाँ तक आये हैं, सब वर्ग का सहयोग है | लेकिन परमात्मा आया है, ब्रह्माकुमारियों तक पहुँचे हैं | परमात्मा आ गया अभी यह समझ में आता भी है जिस समय सुनते हैं उस समय नशा चढ़ता है लेकिन मैदान में आवे वह हिम्मत अभी आ रही है | आयेगी | आनी तो है ही | अभी आने की हिम्मत आई है, कोई भी प्रोग्राम आप देखेंगे डल नहीं जाता है, सक्सेस जाता है, पहले नाम सुनके ही भागते थे ना | अभी समझते हैं कि ब्रह्माकुमारियाँ कार्य अच्छा कर रही हैं और विधिपूर्वक करते हैं | इतना अटेंशन गया है | बापदादा चार ही विंग के नाम भी देखे, जिन्होंने दिये हैं, कनेक्शन में तो अच्छे हैं लेकिन उन्हों को थोडा सामने लाओ | उन्हों का प्रोग्राम करो | प्लान दो उन्हों को क्या कर सकते हैं हम | धरनी तैयार हुई है अभी फल निकलना है इसीलिए बापदादा खुश हैं | मेहनत करते हो उस पर खुश हैं | तो चार ही विंग्स को मुबारक हो, मुबारक हो | अच्छा पुरुषार्थ कर रहे हो | अच्छा | (०२-०२-२०१२)

स्पार्क, बिज़नस, स्पोर्ट्स, एजुकेशन, मीडिया विंग की मीटिंग है : आधा हाल तो यही दिखाई दे रहे हैं | सभी हाथ हिलाओ | देखो कितने हैं | आधा हाल तो आप लोग हैं | अच्छा है, बापदादा ने देखा है कि हर एक विंग में उमंग-उत्साह है और उमंग-उत्साह के कारण सेवा के चान्स भी अच्छे-अच्छे बनाते हैं | लेकिन बापदादा की एक बात भी करनी है | हर एक विंग अभी तह जो मुख्य निमित्त बनाया है, अच्छे-अच्छे मददगार निकाले हैं, तो हर एक विंग पहले लिस्ट भेजे कि जब से विंग की स्थापना हुई, अब तक कितने और कौन-कौन निमित्त बने हैं | अभी पहले लिस्ट भेजें हर एक फिर सभी का संगठन करेंगे | कौन-कौन निकले हैं कौन-सा ग्रुप ज्यादा है, तो भिन्न-भिन्न ऑक्यूपेशन वालों का फिर अलग-अलग करेंगे लेलिन पहले लिस्ट भेजो | हर एक ने कितने रेगुलर स्टूडेंट बनाये हैं, कितने सम्पर्क वाले बनाये हैं, कितने सहयोगी बनाये हैं, यह लिस्ट हर एक विंग करेकी आनी चाहिए | चाहे सहयोगी भी बने हैं, सहयोगियों की भी लिस्ट आवे | तो ज़ोन की रिजल्ट का सबको पता पड़ जायेगा | अच्छी बात है ना | करेंगे ? लिस्ट लिखना पड़ेगा | उसके बाद फिर प्रोग्राम आपको मिलेगा क्योंकि मेहनत तो करते हैं | बापदादा ने देखा विंग वाले अपने-अपने सब्जेक्ट की सेवा अच्छी कर रहे हैं और रिजल्ट भी अच्छी है, बापदादा खुश है | बहुत अच्छा है, अच्छा रहेगा और आपकी रिजल्ट को देख और भी आगे बढ़ेंगे| सबको बहुत-बहुत याद्प्यार स्वीकार हो |(२०-०२-२०१३)

Most Beloved Avyakt BabaDada’s Avyakt version for SpARClers


To All Brothers and Sisters who have come for the SpARC meeting (Research) in Gyan Sarovar: All have gathered to do research. Good the more you sit and do research whilst sitting in the room of introversion to that extent you will receive good inspiration. And with this inspiration many souls will be benefitted. It’s good. Continue doing however keep progressing by striking the balance between meditation and its application. Rest is good. The more you churn the more butter will emerge. So take out some good butter that can fill the power in all. Achcha. (27-2-1996)

Research takes places in silence to the extent we do research whilst sitting in the room of introversion to that extent we will receive Good inspiration

SpARC Group (Spiritual Applications Research Centre): This group is very large. Those from SpARC are researching, are you not? Those from SpARC should pay special attention to something. Scientists give you a practical experience. For instance, in hot weather, facilities developed by science enable you to experience coolness. Similarly, those who are researching should make special plans so that the specialities of the Father and souls specialities, such as an embodiment of knowledge, an embodiment of peace, an embodiment of bliss, and an embodiment of power, are give to others to actually experience what every speciality is. Create such an easy invention so that if anyone wants to experience what peace is for a short time, or what power is, they are able to do so. Create an invention whereby they can experience this for one or two seconds. When someone has experienced this for even a second, then that experience will attract them. Create such an invention so that when they come in front of you, they can experience whatever speciality they want. What are the different stages? Sages make spiritual endeavour and give people a practical experience of the cycle. (Kundalini yoga). It begins at the navel-cord, and then it goes up. Then, they are given an experience of what going up is. In the same way, according to your own method, give many others an experience through your mind and intellect. Don’t just sit and show them the light, but give them the experience of light. Research means to give them a practical experience through your methods and to experience it yourself. Therefore, make such plans and think of practical ways to experience this, just as you created the method of yoga camps, when all of those who come to a yoga camp for a short time are at least given an experience. They have an experience for that time at least! They even remember that experience. In this way, give them an experience of any particular virtue, power or eternal sanskar. Therefore, those who are researching this should first experience it themselves and then create a method to give others the same experience. Nowadays, similar to the path of devotion, people want miracles. They don’t want to make effort, but they do want miracles! In the same way, on this path of spirituality, they want the same. Those who have experienced something can never waver (from their own experience). The numbers will very quickly continue to increase on the basis of what they experience. Did you hear this? Now, create new inventions. Continue to tell them something and let them continue to experience it. In order to accomplish this, you must make this practice powerful.(15-02-2000)

Those from the SpARC group, raise your hands. Achcha!  Very good. Now research into this topic: How you can make the atmosphere the most elevated of all in a practical way. You are researching this, are you not? In order to create such an atmosphere, what you should keep in your intellect, what actions you have to perform and what you have to do with your connections and relationships. It is good that you keep yourselves busy; that is very good. However, BapDada wishes to see the practical experience of everything you did in a practical way and what the result was of that. If there was any obstruction in-between, what was that? Experience this practically and see for yourself! Don’t just extract points that you have to do this and this! No! Do it practically! Experience it yourself, and demonstrate it by becoming an example and then that example will help others. Is this OK? This one (Rameshbhai) is the instrument. It is good. BapDada says that you still have 15 days. It has not yet ended. Now, a lot of time has gone by, but a little time is still left, and so the SpARC group should practically do this and also demonstrate it to others. Is that OK? Will you be able to do this? Will it be possible? Achcha. It is fine. Very good.  Achcha. (24-02-2002)

SpARC group: Achcha, now make a plan that those from your meeting become an example at their own respective places, for bringing time closer. This is the plan you are making, is it not? About what preparations you need to make for the times to come? BapDada is also giving this signal: In order to face any difficulty, the easy way is first of all to use the power of concentration (stability). Your mind should become still and then the power of concentration will be able to make very good decisions. This is why they portray a set of scales in court. The scales are shown as a symbol for judgment for the needle becomes totally still. Therefore, at that time when there is upheaval everywhere, with the power of concentration, you can stabilize your mind on whatever you want. You can judge which power to use in a particular situation. So, the power of concentration automatically brings determination and determination is the key to success. So, make yourself such an example and continue to inspire others. Is this all right? It is good. Each wing has very good zeal and enthusiasm for the progress of its own service. It is good and it will be good. It is good that all those from different centres are engaged in very good work and are making plans. Success is guaranteed anyway. Achcha.(28-02-2003)

SpARC Group: It is very good. Having become an image of experience, you are carrying out research to give an experience in a practical way. Now, continue to increase the research of giving souls an experience. Give the proof in a practical way, and then, seeing this sample, the world will easily believe you. It is good. Continue to move forward. Become an example and make others an example. Very good. Achcha. (05-03-2004)

SpARC Group: (Br Ramesh: We have had the thought of having the aim to create a value based society, in which every zone and every wing can be included in doing this service, and along with that to make preparations for the end, and we have the aim of researching deeply the topic of transformation of sanskars.) Very good. The sound will spread to every home. Now prepare such a group that the sound reaches the Government. The sound will reach the Government when you hold that campaign. You have thought it out well. There are many in this group. Get the total result of everything. Then BapDada will give you more congratulations. You have good zeal and enthusiasm. Now increase zeal and enthusiasm in your efforts too. Not just in service, but zeal and enthusiasm should continue to increase in your efforts. Service should also continue to increase. What you have done is good. Congratulations. (03-02-2005)

Six professional wings have come: Rural, Sports, Transport, Women, Administrators and SpARC : The professional wings have been given the homework. Now, we shall look again after 15 days. Achcha, children have also come. Very good. (The children showed BapDada a wrestling match with the five vices.) Achcha. This is the Sports Wing. You now know the games of Maya, do you not? You are courageous in that, are you not? Those who play games are always courageous. So, you are courageous in becoming a conqueror of Maya too, are you not? Never be defeated (Haarna – to be defeated). Become a garland (Haar) around BapDada’s neck. Do not be defeated. You are so strong, are you not? Are you courageous? You are courageous; Wah! Very good. Achcha. (To Shashiben – she is head of the Sports Wing.) You are also teaching them about becoming conquerors of Maya. Sit down! Achcha. What shall we do now? Now, in one second, finish all the thoughts in your mind. In one second, sit with the highest on high Father in the supreme place, in the highest-on-high place, in the highest-on-high stage. Become a master almighty authority, the same as the Father, and give rays of the powers to the souls of the world. Achcha. (14-03-2006)

What has the SpARC wing researched? After having done your research, has anyone become the practical proof, just like heart patients gave the proof that they have become free from illness. Baba also heard news of the Youth that very good proof is reaching the Government. Similarly, in serving the rural areas, the practical proof is that Gita Pathshalas have opened. That record is good. Similarly, those from SpARC and those from the Cultural Wing, you are standing here now and so have you created such a special example showing that, by doing research, this is the sample of transformation that has taken place. BapDada wishes to see and hear about that sample: What did you research and how many were benefitted through that research in a practical way. This is what Baba wants to see. In the Cultural department, have you prepared any departments in which people say that through the spiritual culture they have experienced these things in a practical way, and that all their departments have now changed? In this way, BapDada is telling those from all wings: Now prepare seven to eight, ten to twelve such examples so that you can tell the Government what work the different wings are doing. Then it is possible that you will receive help from the Government. BapDada heard that one department had said that they have the money and that we have the resources. Show them these samples by letting them see the practical proof of such resources. Otherwise their treasures will be wasted just like that. They don’t know how to use them, you can make them use these in a worthwhile way with your influence. So, all the wings together should make such a plan that the proof of every wing is visible in a practical way. (31-12-2007)

(Rameshbhai gave BapDada news of the SpARC meetings in writing through the trans-messenger.) Ramesh, you are doing that; he has also written about self-progress. Draw everyone’s attention to that again and again. Just as you do everything practically in service, in the same way, keep a chart of what you do practically for self-progress. BapDada received the news, and what you have all thought about is good.(17-03-2007)

Those of you from SpARC are also making your own plans and that is good. Now, just as science is giving practical fruit, in the same way do something so that the power of silence also gives an experience just as easily and clearly in a practical way so that everyone says that the Brahma Kumaris have an easy method. You are making inventions and it will happen. All of you are using your intellect very well and so one practical fruit or another will emerge through the intellect. You are making good effort. The fruit is emerging and it will continue to emerge. It has to happen. Achcha. Now, in one second, is it one second? In one second, the whole gathering, and wherever any of you are, stabilize your mind in just one thought: I, the Father and I, are eternal points of light in the supreme abode. Sit with the Father in the supreme abode. Achcha. Now come back into the corporeal. Now, according to the present time, practice concentrating your mind and intellect. Whatever task you are carrying out, concentrate your mind whilst carrying out that task. Increase your controlling power more. Have controlling power over your mind, intellect and sanskars. This practice will be very helpful in the times to come. According to the atmosphere, you will have to take control in one second, so that only what you want to happen happens. So, this practice is very essential. Do not treat this lightly because this practice will make the final moments beautiful at the right time. (02-02-2008)

Avayakt BabaDada’s Good Wishes and Expectations from SpARClers

You continue to have meetings and you do that with good zeal and enthusiasm. BapDada continues to see and hear about this. You also continue to make plans for imbibing this. BapDada heard the news. All of you continue to make new plans for your self-progress and also for service. Now, you have to keep the aim that there is a need to give assurance to the people of the world. Seeing the circumstances, the poor people are afraid and fear is spreading. At such a time, you have to give assurance to all souls, but especially to the people of your wing, that if they do the meditation course, their fear and tension will finish. Do not give them knowledge first, but invite them to learn meditation first. Have more programmes of giving them an experience of a tension-free life. You do this, but now do it more. Give them an experience of spiritual power. Let it not just be lectures, but give them an experience. You may do this with small groups or big groups, but definitely give them an experience. A person who has had an experience can never stay without sharing that experience. And the authority of experience is number one. Someone who has experienced something cannot be influenced by others. He cannot be afraid in such situations because through meditation, he experiences power. So, give them greater experiences of the temptation of meditation. You continue to have programmes anyway. They will continue and you have to make them continue, but also pay special attention to this. Anyone who came and did the course, together with that course, did he also have an experience or did he just take the knowledge? Definitely give an experience of anything. It could be any experience. In terms of knowledge, let them experience that this is God’s knowledge. Through yoga, let them experience powers in them. Let them have courage. Enable them to have the courage to find a solution to any problem and also have the courage to imbibe this. Otherwise, when they hear of having to imbibe these things, they become afraid. First of all, tell them about the attainment and what that attainment is. With the attraction of the attainment, they will all begin to come. When you give God’s introduction, first tell them what attainments they will have and, on the basis of the attainment, they will be attracted. Tell them the things of the experiences of what they will receive, what they will become and how they will easily find solutions to problems. BapDada receives the report of how you all meet one another.(09-03-2009)

Rural Development, Scientists & Engineers and SpARC wings: You are giving your own introduction very well. BapDada heard the news of all three wings. All three wings that have come have had very good meetings for progress among yourselves and have made your own plans for the future. BapDada is pleased that, in service, each wing nowadays wants to claim number one. Seeing this zeal and enthusiasm for fast effort, BapDada is giving multimillion fold congratulations to all the wings and, in particular, to these three wings. You have made good plans. You have made good plans that are filled with enthusiasm. This is why BapDada is telling all three wings: whatever plans you have made, put them into a practical form as quickly as possible. BapDada likes them. Every now and then, using the phone system of having conference calls, those who are special instruments of each wing should have conference calls among themselves and increase zeal and enthusiasm. When you have zeal and enthusiasm in your own cities, it will be like giving zeal and enthusiasm to the meetings. Every now and then, ask for the result and give them encouragement in this way. It is good. Turn the banner around towards the public. Nowadays, everyone is worried about nature too. So, you should give a special message: how we can change the nature of the elements with the nature of the mind. You have made the plans, but now everyone together should announce through programmes, even when you have small programmes, and spread the sound. BapDada has seen that in all the programmes that is taking place now you have created a very good method of spreading the sound, and whatever else you are doing, take suggestions from the serviceable instruments and glorify the programmes even more. Wherever you go, whether it is in big places or small places, there should be the sound: the Brahma Kumaris are doing a programme. Do not just sit down peacefully. Now spread the sound with zeal and enthusiasm. It is now time for them to come closer. The atmosphere is of an attitude of disinterest, and people want to see and hear something new. Discuss this among yourselves and spread the sound of zeal and enthusiasm everywhere. The same news should reach all the main places and the main countries everywhere. It should be printed in the newspapers in the main places: this happened, that happened, we are doing this and that. Spread the sound through the radio and TV. You can spread the sound in your own areas through the Radio and TV. Achcha. Many, many congratulations! All the wings are nowadays doing everything with a lot of enthusiasm and will continue to do so. Achcha. (30-01-2010)

SpARC Wing: SpARC Wing is also doing its own work. BapDada saw that each Wing is making souls experienced in their own service. They are making people’s intellects very good with their very good ideas and they are also inspiring people to imbibe everything. This is why Baba said that each wing is doing service and making companions. Having made so many companions, now prepare a group, a gathering, which you can present to the Government and tell them about your work and show them your results. Each Wing has its own Government branch and so they too should be served and people should also be served. Achcha. (17-02-2011)

Meeting of the four Wings: (SpARC, Media, Sports and Religious).  Achcha.  All these four wings are very helpful for service.  They are and can be because all the four Wings can bring many others into connection.  For example, the Media Wing is there.  Media Wing is now making very good plans to make the message reach every home.  BapDada is pleased that you are doing everything while being co-operative with one another.  You have moved forward and are moving forward.  BapDada now wants the media to give the message: Now, according to the time, every soul should have the inspiration to claim an inheritance from their Father.  People hear this, but Baba should now receive a list of how many heirs have emerged through the media.  BapDada has heard that it has a good impact and that the number of students is increasing.  However, now make a list of how many have emerged through the Media service at every centre and in every zone.  In the same way, all the other Wings also have to make this list.  Many have given a list today of those VIPs who have come into their connection.  Baba has received that list, but now create sicj a gathering and make them move forward by giving them zeal and enthusiasm.  They do come into connection with you, but make such a programme that they also understand what they have to do in the future.  They have heard this, but now, explain to them a little more clearly how they have to move forward.  Also make a list of how many have been added from each Wing.  Although they are added, you may not know.  BapDada is congratulating those from all the Wings because each wing is trying to increase service and also makes very good plans for expansion.  All four Wings are doing very good service because each Wing considers itself responsible.  The wings also try very hard and this is why BapDada is pleased with them.  Just as you are engaged in the task of the Wings with attention, in the same way, continue to move forward even more.  BapDada is congratulating you.  You are moving forward; continue to move forward!  BapDada is saying this to all four Wings.  None of the wings is weak.  You are all moving forward in your own ways.  You must be paying attention to the homework that BapDada has given.  Now prepare sensible VIPs that come in every Wing.  Make a group of such sensible courageous ones from the different Wings who can all together make one thing clear.  Definitely do this work.  Those who are sitting at the front can do this work.  You can give them courage.  Now, the sound should emerge in a practical way of what the Brahma Kumaris want.  The service of the Platinum Jubilee has made the importance of the Brahma Kumaris very clear to everyone.  It is necessary and you can do it.  You have come so far, and there is co-operation from all the Wings.  However, they should now understand that God has come.  They have reached as far as the Brahma Kumaris.  They have begun to understand that God has already come.  When they hear this knowledge, they are intoxicated, but they are only just courageous enough to come onto the field.  It will come; it has to come.  They now have the courage to come.  You will see that not a single programme will be dull (attended by only a few people).  It will always be a success.  Earlier they used to run away on hearing the name.  Now, they understand that the Brahma Kumaris do very good work and they do it systematically with the right method.  Their attention has been drawn to this extent.  BapDada saw the names of those from all four Wings, those who gave the names.  There are very good souls in connection with you so bring them more in front now.  Have a programme with them.  Give them a plan of what they can do.  The field is prepared and the fruit is now going to emerge and so BapDada is pleased.  Baba is pleased with your effort.  Congratulations, congratulations, congratulations to all four Wings!  You are making very good effort.  Achcha. (02-02-2012)


Meeting with SpARC, Business, Sports, Education, Media Wing: Half of the hall is here only. All of you, wave your hands. Look how many are there! Half of the hall is of all of you. Good. BapDada has seen that every Wing has zeal and enthusiasm and, because of zeal and enthusiasm, you create very good chances for service. However, you still have to do one thing for BapDada. All of those whom you have made the main instruments in every Wing, all the good helpers you have found, each Wing should first of all send a list of how many and who have become instruments from the time of establishing the Wing until now. Now, first of all, each of you has to send that list and we will then have a gathering of all of them. Who has emerged and which group is larger? Then, we will have a separate gathering of those of different occupations, but, first of all, send a list. How many regular students has each one created? How many are in contact with you? How many are co-operative with you? Baba should receive this list from every Wing. Even include those who have become co-operative - the list of those who are co-operative should also come. Then everyone will come to know the results of the zone. This is a good thing, is it not? Will you do it? You will have to make a list. You will be given a programme after that because you are making effort. BapDada saw that those from the Wings are doing very good service in their own subject and the result is also good, BapDada is pleased. It is very good and it will be good, and, upon seeing your result, others will also move forward. Lots and lots of love and remembrance to all. (20-2-2013)