Tuesday, 30 January 2018

स्पार्क के प्रति प्राणप्यारे अव्यक्त बापदादा के अव्यक्त महावाक्य


ज्ञान सरोवर में स्पार्क मीटिंग (रिसर्च) के लिए आये हुए भाई बहिनों से -
सभी रिसर्च करने के लिए इकठ्ठे हुए हैं | अच्छा है जितना अन्तर्मुखता के कमरे में बैठ रिसर्च करेंगे उतना अच्छे से अच्छी टचिंग होंगी | और इसी टचिंग से अनेक आत्माओं को लाभ मिलेगा | तो अच्छा है | करते रहो लेकिन प्रयोग और योग दोनों का बैलेंस रखते आगे बढ़ते चलो | बाकी अच्छा है | जितना मनन करो उतना ही मक्खन निकलता है | तो कोई न कोई अच्छा माखन निकालेंगे जो सबमें शक्ति भरे | अच्छा | (२७-०२-१९९६)

स्पार्क ग्रुप : - यह बहुत बड़ा ग्रुप है | स्पार्क वाले रिसर्च करते हैं ना ! स्पार्क वालों को विशेष यह अटेंशन में रहे कि जैसे साइंस प्रत्यक्ष अनुभव कराती है, मानो गर्मी है तो साइंस के साधन ठण्डी का प्रत्यक्ष अनुभव कराते हैं | ऐसे रिसर्च वालों को विशेष ऐसा प्लान बनाना चाहिए कि हर एक जो बाप की या आत्मा की विशेषतायें हैं, ज्ञान स्वरुप, आनन्द स्वरुप, शक्ति स्वरुप .......इस एक-एक विशेषता का प्रैक्टिकल में अनुभव क्या होता है | वह ऐसा सहज साधन निकालो जो कोई भी अनुभव करने चाहे तो चाहे थोड़े समय के लिए भी अनुभव कर सके कि शान्ति इसको कहते हैं, शक्ति की अनुभूति इसको कहते हैं | एक सेकंड, दो सेकंड भी अनुभव कराने की विधि निकालो | तो एक सेकंड भी अगर किसको अनुभव हो गया तो वह अनुभव आकर्षित करता है | ऐसी कोई इन्वेंशन निकालो | आपके सामने आवे और जिस विशेषता का अनुभव करने चाहे वह कर सके | क्या-क्या भिन्न-भिन्न स्थिति होती है, जैसे साधना करने वाले जो साधु हैं वह प्रैक्टिकल में उन्हों जो अनुभव कराते हैं, चक्र नाभी से शुरू हुआ फिर ऊपर गया, फिर ऊपर जाके क्या अनुभूति होती है | ऐसे आप अपने विधिपूर्वक मन और बुद्धि द्वारा उनको अनुभव कराओ | लाइट बैठकर नहीं दिखाना है लेकिन लाइट का अनुभव करें | रिसर्च का अर्थ ही है – ‘प्रत्यक्ष विधि द्वारा अनुभव करना, कराना |’ तो ऐसा प्लान बनाके प्रैक्टिकल में इसकी विधि निकालो | जैसे योग शिविर की विधि निकाली ना तो टेम्प्रेरी टाइम में योग शिविर में जो भी आते है वह उस समय तो अनुभव करते हैं ना ! और उन्हों को वह अनुभव याद भी रहता है | ऐसे कोई-न-कोई गुण, कोई-न-कोई शक्ति, कोई-न-कोई अनादि संस्कार, उन्हों की अनुभूति कराओ | तो ऐसी रिसर्च वालों को पहले स्वयं अनुभूति करनी पड़ेगी फिर विधि बनाओ और दूसरों को अनुभूति कराओ | आजकल लोगों को भक्ति में जैसे चमत्कार चाहिए ना, मेहनत नहीं – ‘चमत्कार|’ ऐसे आध्यात्मिक रूप में अनुभव चाहिए | अनुभवी कभी बदल नहीं सकता | जल्दी-जल्दी अनुभव के आधार से बढ़ते जायेंगे | सुना | अभी नई-नई विधि निकालो | आप कहते जाओ वह अनुभव करते जायें, इसके लिए बहुत पावरफुल अभ्यास करना पड़ेगा | (१५-०२ -२०००)

स्पार्क वाले एक हाथ उठाओ | अच्छा बहुत अच्छा | अभी इसी विषय पर रिसर्च करो, वायुमण्डल कैसे प्रैक्टिकल में श्रेष्ठ ते श्रेष्ट बना सकते है | रिसर्च कर रहे हो ना ! ऐसा वायुमण्डल बनाने के लिए क्या-क्या कर्म में करना है, सम्बन्ध-सम्पर्क में करना है | अच्छा है अपने आप को बिजी रखते हो, अच्छी बात है | लेकिन बापदादा यह प्रैक्टिकल अनुभव देखने चाहते हैं कि कैसे प्रैक्टिकल किया और उसका परिणाम क्या निकला ? अगर बीच में कुछ भी रूकावट आई तो क्या आई ? यह अनुभव प्रैक्टिकल करके देखो, सिर्फ पॉइंट्स नहीं निकालना, यह करना है | नहीं | करो | अनुभव करके एक्जेम्पुल बनकर दिखाओ और वह एक्जम्पुल औरों को भी सहयोग देगा |  ठीक है ना ! यह (रमेश भाई) निमित्त है ना ! अच्छा है | बापदादा अभी भी 15 दिन पड़ा है अभी लास्ट नहीं हुआ है | अभी बहुत गया, लेकिन थोडा रहा है तो स्पार्क वाले ऐसा प्रैक्टिकल करके देखो और औरों को दिखाओं | ठीक है ?  कर सकेंगे ? हो सकेगा | अच्छा, ठीक है, बहुत अच्छा | अच्छा | (२४-०२ -२००२)

स्पार्क ग्रुप : - अच्छा, ऐसा ही प्लान बनाओ जो आपकी मीटिंग से आप ही अपने-अपने स्थान पर समय को समीप लाने के  एक्जेम्पुल बन जाओ | यही प्लान बना रहे हो ना ! कि आने वाले समय में क्या तैयारी चाहिए ! बापदादा यही इशारा देते हैं – कोई भी समस्या को सामना करने के लिए सहज विधि है पहले एकग्रता की शक्ति | मन एकाग्र हो जाए, तो एकाग्रता की शक्ति निर्णय बहुत अच्छा करती है | इसीलिए देखो कोर्ट में भी तराजू दिखाते हैं | निर्णय की निशानी तराजू इसलिए दिखाते हैं – एकाग्र कांटा हो जाता है | तो कोई भी समस्या को जिस समय चारों ओर हलचल हो उस समय अगर मन की एकग्रता की शक्ति हो, जहाँ मन को चाहो वहाँ एकाग्र हो जाए, निर्णय हो जाए किस परिस्थिति में कौन सी शक्ति कार्य में लायें, तो एकग्रता की शक्ति दृढ़ता स्वत: ही दिलाती है और दृढ़ता सफलता की चाबी है | तो ऐसे अपने को एक एक्जाम्पल बनाके औरों को प्रेरणा देते रहो | ठीक है ना ! अच्छा है | हर एक वर्ग अपने सेवा की उन्नति के उमंग उत्साह में अच्छा है | अच्छा है और अच्छा ही होगा | अच्छा है, सब भिन्न-भिन्न सेंटर के अच्छे-अच्छे कार्य में लगे हुए हैं, प्लान बनाने में | सफलता तो है ही | अच्छा | (२८ -०२-२००३)

स्पार्क ग्रुप भी आया है :- बहुत अच्छा है | अनुभवी मूर्त बन, अनुभव कराने का प्रैक्टिकल में रिसर्च कर रहे हैं | और इसी को, अनुभूति कराने की रिसर्च को और बढाओ| प्रैक्टिकल में सबूत लाओ तो दुनिया एक्जाम्पल देख करके सहज मान जाती है | अच्छा है | आगे बढ़ते चलो और एक्जाम्पल बन औरों को भी एक्जाम्पल बनाओ | बहुत अच्छा | (०५-०३-२००४)

स्पार्क ग्रुप :- (मूल्यनिष्ठ समाज की रखना करने का लक्ष्य रख अभियान निकालने का सोचा है, जिसमें हर ज़ोन हर विंग इसी के अंतर्गत सेवा करें, साथ-साथ अंतिम समय की तैयारियां तथा संस्कार परिवर्तन के विषय पर गहन अनुभूति कराने का लक्ष्य रखा है )
बहुत अच्छा, घर-घर में आवाज़ फ़ैल जायेगा | और ऐसा ग्रुप तैयार करो जो गवर्मेंट तक भी आवाज़ जाये, यह अभियान करायेंगे तो आवाज़ जायेगा | अच्छा सोचा है | संख्या तो बहुत है | सब रिजल्ट निकालना, फिर बापदादा और मुबारक देंगे | अच्छा है यह उमंग-उत्साह, अपने पुरुषार्थ में भी उमंग-उत्साह बढ़ायेगा  | सिर्फ सेवा में ही नहीं, साथ में अपने पुरुषार्थ में भी उमंग-उत्साह बढ़ता जाए, सेवा भी बढ़ती जाए | बाकी अच्छा किया है, मुबारक हो | (०३-०२-२००५)

6 विंग्स आई हैं : (ग्राम विकास, सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, महिला, प्रशासक, स्पार्क ग्रुप) विंग्स को काम दे दिया, अभी 15 दिन के बाद फिर देखेंगे | अच्छा बच्चे भी आये हैं, (5 विकारों की मल्लयुद्ध दिखाई है ) अच्छा | सपोर्ट विंग है | माया के खेल को तो जान गये हो ना | उसमें तो बहादुर हो ना | खेल वाले हमेशा बहादुर होते हैं | तो मायाजीत में भी बहादुर हो ना | कभी हार खाना नहीं है | बापदादा के गले का हार बनना है | हार नहीं खाना है | ऐसे पक्के हो ना | बहादुर हो ? बहादुर हैं वाह ! बहुत अच्छा | अच्छा | तो मायाजीत का भी सिखाती हो ना अच्छा | बैठ जाओ | अच्छा | अब क्या करेंगे ?
अभी एक सेकंड में अपने मन से सब संकल्प समाप्त कर एक सेकंड में बाप के साथ परमधाम में ऊँचे ते ऊँचे स्थान, ऊँचे ते ऊँचे बाप, उनके साथ ऊँची स्थिति में बैठ जाओ | और बाप समान मास्टर सर्वशक्तिवान बन विश्व की आत्माओं को शक्तियों की किरणें दो | अच्छा | (१४-०३-२००६)

जो स्पार्क विंग है, उसमें क्या रिसर्च किया है ? क्या एक्जाम्पल कोई रिसर्च करने के बाद एक्जाम्पल प्रूफ बनाया है, जैसे हार्ट पेशेंट निरोगी बन गये हैं, वह सबूत है, यूथ का भी समाचार सुना, तो अच्छा गवर्मेंट तक सबूत जा रहा है | ऐसे गाँव वालों की सेवा में भी प्रत्यक्ष सेंटर गीता पाठशालायें खुल गये हैं, यह रिकार्ड तो अच्छा है, ऐसे स्पार्क वालों ने, स्पार्क वाले हैं कल्चर वाले खड़े हैं तो ऐसा कोई विशेष एक्जाम्पल बनाया है कि रिसर्च से यह परिवर्तन का सैंपल बना है, बापदादा वह सैंपल देखने भी चाहते, सुनने भी चाहते| क्या रिसर्च किया और कितनों ने उस रिसर्च करने का प्रैक्टिकल लाभ उठाया | यह देखने चाहते हैं | कल्चर वालों ने क्या कल्चर डिपार्टमेन्टस में, कोई ऐसी डिपार्टमेन्ट तैयार की है जो प्रत्यक्ष रूप में वर्णन करें कि हमनें आध्यात्मिक कल्चर द्वारा यह-यह अनुभव किया है | हमारी सारी डिपार्टमेन्ट परिवर्तन हुई है | ऐसे सभी वर्ग को, सभी वर्ग को बापदादा यही कहते हैं ऐसे सात-आठ, दस-बारह एक्जाम्पल तैयार करो जो फिर गवर्मेंट को, वर्गीकरण क्या करता है उसका एक्जाम्पल सुनायें | तो गवर्मेंट का भी सहयोग मिल सकता है | बापदादा ने सुना था एक डिपार्टमेन्ट ने कहा है कि पैसा हमारे पास है, काम आपके पास है | तो काम का प्रत्यक्ष सबूत देखने से उन्हों का भी सफल कराओ ना, नहीं तो ऐसे ही बिचारा खजाना चला जायेगा | उन्हों को यूज़ करने नहीं आता, आप सफल करा सकते हो, प्रभाव से | तो सभी वर्ग वाले मिलके ऐसा कोई प्लान बनाओ जो प्रैक्टिकल में हर वर्ग का सबूत दिखाई दे | (३१-१२-२००७ )

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